-देश में कभी भी चुनाव हो सकते है हालातों को देखते हुए
-9 अगस्त का आंदोलन से डर रही है केंद्र , आंदोलन तय करेगा मेरी ,और देश को क्या विकल्प चाहिए
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Saturday, 21 July 2012
आयोग को मर्यादा में रहने की सलाह - कै लाश विजयवर्गीय
-महिला आयोग पर उठाए सवाल
-अराजक्ता के लिए अमर्यादित आचरण जिम्मेदार
न्युज एक्सपोज,इंदौर
गुवहाटी में युवती के साथ हुई सामुहिक बदसलूकी की शमर्नाक घटना की जाँच के लिए पहुंचे राष्ट्रीय महिला आयोग के दल पर उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल खड़े किए हैं। विजयवर्गीय ने कहना है जिस प्रकार ग्लैमरस अंदाज में आयोग की सदस्याएं मामले की जाँच करने पहुंची, उससे तो ऐसा लगा माना वे खुद •ाी फैशन परेड का हिस्सा है। उन्हें •ाी अपना आचरण सुधारना चाहिए । विजयवर्गीय ने कांग्रेस के निष्कासित विधायकों को •ाी बहाली के संकेत दिए है।
इंदौर प्रेस क्लब में संवादाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि महिला आयोग अर्ध न्यायिक संस्था है उस के सदस्यों के आचरण पर उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपत्ति जताई है। गुवहाटी में युवती के साथ हुई शमर्नाक घटना की जाँच करना पहुंचा महिला आयोग का दल खूद ग्लैमर की चकाचौंध में डूबा हुआ है। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि वे आयोग का पूरा सम्मान करते है, लेकिन इस तरह के मामलों की जाँच करने पहुंचे दल को •ाी अपनी गरिमा और मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए। लेकिन दुर्•ााग्य है कि जाँच के नाम पर जो कुछ टीवी चैनलों पर दिखाया गया वो तो किसी फैशन परेड का हिस्सा लग रहा था।
विजयर्गीय ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा के उस बयान को •ाी गलत ठहराया जिसमें शर्मा ने युवतियों के साथ हो रही शमर्नाक घटनाओं की वजह उनके जींस पहनने का बताया था। विजयवर्गीय ने इससे इंकार करते हुए कहा कि युवतियों, महिलाओं का पहनाया काले ही फैशनेबल हो लेकिन शालिन, मर्यादीय होना चाहिए। युवतियों का आचरण •ाी ठीक हो अमर्यादीत तरीके से घुमना फिरना, अमर्यादीत पहनावा एवं अमर्यादीत व्यवहार ही इस तरह की घटनाओं का बढ़ावा देता है। इसलिए महिलाओं का मर्यादित होना बहुत जरूरी है।
Monday, 2 July 2012
स्पेन ने जीता यूरो कप
न्यूज़ एक्सपोज , संवाददाता
आर्थिक संकट से जूझ रहे गत चैंपियन स्पेन ने फुटबाल जगत में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए यूरो कप के फाइनल में इटली को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से रौंदते हुए लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
स्पेन के लिए आज एक गोल करने वाले फर्नाडो टोरेस ने पिछली बार [2008] भी फाइनल में गोल किया था।
आर्थिक संकट से जूझ रहे गत चैंपियन स्पेन ने फुटबाल जगत में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए यूरो कप के फाइनल में इटली को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से रौंदते हुए लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
स्पेन के लिए आज एक गोल करने वाले फर्नाडो टोरेस ने पिछली बार [2008] भी फाइनल में गोल किया था।
Sunday, 1 July 2012
कांग्रेस में है गुट बाजी . दिग्विजय सिंह
न्यूज़ एक्सपोज , भोपाल
कांग्रेस में गुटबाजी हमेशा थी, अभी भी है और आगे भी रहेगी, लेकिन आप लोग बड़े नेताओं के चक्कर में पड़कर उनके अंध-समर्थक नहीं बनें। धरना प्रदर्शन भी फैशन या फाइ¨लग के लिए नहीं करें।
इस तरह की ढेरों नसीहतें काग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने रविवार को युवक कांग्रेस व एनएसयूआइ पदाधिकारियों को दीं।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में दोनों संगठनों की बैठक को अलग-अलग संबोधित करते हुए सिंह ने कमोबेश यही मंत्र दिया कि मैदान में आकर काम करें और लाठी खाने से नहीं डरें।
उन्होंने कहा कि वह पैंसठ बरस के हो रहे हैं और रिटायरमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा यदि आप मुझसे सलाह लेने आएंगे, तो मैं सलाह दूंगा। सलाह नहीं मांगेंगे तो नहीं दूंगा, मगर तय है कि आपके साथ लाठी खाने के लिए हमेशा तैयार मिलूंगा।
सिंह ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार व हालिया आयकर छापों का भी जिक्र करते हुए कहा कि छापे की कार्रवाई में फंसे दो बिल्डरों का संबंध भाजपा नेताओं से है।
Wednesday, 27 June 2012
इंदिरा सागर बांध की गैलरी में तेंदुआ
न्यूज एक्सपोज, खण्डवा/इंदौर।
खण्डवा जिले में नर्मदा नगर स्थित इंदिरा सागर बांध के व्यू पांइट के पास डेम सीआईएसएफ बेरियर पर मंगलवार रात एक तेंदुए ने कुत्ते का शिकार कर डेम की गेलरी में जा छिपा। दिनभर एनएचडीसी, सीसीएफ और वन विभाग की टीम ने सर्चिंग की लेकिन तेंदुआ को नहीं खोजा जा सका।
सीआईएसएफ बेरियर के जवान के अनुसार देर रात अचानक कुत्ते की आवाज सुनाई दी, जब देखा तो तेंदुआ कुत्ते पर हमला कर रहा था। फौरन ही उसने अपनी बंदूक चीते पर तान दी चीता वहां से उस कुत्ते को घायल कर भाग गया, उसके बाद कंट्रोल रूम को सुचना दी गई। सी़आई़एस.एफ की टीम घटना स्थल में पहुंच कर तेंदुए की तलाश शुरू कर दी मगर तेंदुएं का कही पता नही चला सका।
डेम सुरक्षा के लिये लगाये गये सी़सी़टी़वीक़ेमरे में घटना कैद हो गई। जिसमें दिखाई दे रहा है की तेंदुआ से घायल होने के बाद कुत्ता डेम से नीचे की तरफ गैलरी की और चला गया और कुछ समय बाद तेंदुआ भी उसकी तलाश में पीछे चल पड़ा मगर रात भर कोई खबर नहीं पता। सुबह दूसरी शिफ्ट में कर्मचारी गैलरी में डियुटी करने को आये गैलरी के ब्लाक नं़ 4 ई़एल़230़00 एम़ में पे्रवेश करते कुत्ते का शव मिला। बुधवार सुबह सी़आई़एस.एफ के जी़पी ग़ोस्वामी ने सी़आई़एस.एफ के जवानो को हथयारो से लेस 6 लोगो की टीम को तेंदुआ की तलाष करने को गैलरी में गए।
खण्डवा जिले में नर्मदा नगर स्थित इंदिरा सागर बांध के व्यू पांइट के पास डेम सीआईएसएफ बेरियर पर मंगलवार रात एक तेंदुए ने कुत्ते का शिकार कर डेम की गेलरी में जा छिपा। दिनभर एनएचडीसी, सीसीएफ और वन विभाग की टीम ने सर्चिंग की लेकिन तेंदुआ को नहीं खोजा जा सका।
सीआईएसएफ बेरियर के जवान के अनुसार देर रात अचानक कुत्ते की आवाज सुनाई दी, जब देखा तो तेंदुआ कुत्ते पर हमला कर रहा था। फौरन ही उसने अपनी बंदूक चीते पर तान दी चीता वहां से उस कुत्ते को घायल कर भाग गया, उसके बाद कंट्रोल रूम को सुचना दी गई। सी़आई़एस.एफ की टीम घटना स्थल में पहुंच कर तेंदुए की तलाश शुरू कर दी मगर तेंदुएं का कही पता नही चला सका।
डेम सुरक्षा के लिये लगाये गये सी़सी़टी़वीक़ेमरे में घटना कैद हो गई। जिसमें दिखाई दे रहा है की तेंदुआ से घायल होने के बाद कुत्ता डेम से नीचे की तरफ गैलरी की और चला गया और कुछ समय बाद तेंदुआ भी उसकी तलाश में पीछे चल पड़ा मगर रात भर कोई खबर नहीं पता। सुबह दूसरी शिफ्ट में कर्मचारी गैलरी में डियुटी करने को आये गैलरी के ब्लाक नं़ 4 ई़एल़230़00 एम़ में पे्रवेश करते कुत्ते का शव मिला। बुधवार सुबह सी़आई़एस.एफ के जी़पी ग़ोस्वामी ने सी़आई़एस.एफ के जवानो को हथयारो से लेस 6 लोगो की टीम को तेंदुआ की तलाष करने को गैलरी में गए।
Tuesday, 26 June 2012
मुराद के खातिर चढ़ा दी 150 पशुओं की बलि
न्यूजएक्सपोज, इंदौर।
किसी मर्ज ठीक हुआ तो किसी शादी हो गई, तो किसी की गोद भर गई। कुछ ऐसे ही कारणों ने मंगलवार को इंदौर में 150 से अधिक पशुओं की जान ले ली। पुलिस की चौकन्नी नजरें और प्रशासन का सख्त रवैयां शहर के किसी एक कोने में पहरेदारी देता रहा और पालदा के संजय नगर में सुबह से शाम तक सैकड़ों बकरों के गले पर तलवार चलती रही।
आसाढ़ की पहली पूर्णिमा यानी मंगलवार को इंदौर के पालदा स्थित संजय नगर में मरीमाता मंदिर पर जो हुआ शब्दों में बयान करना मुश्किल है। लेकिन इतना तो है कि जिम्मेदारों अनदेखी और प्राचीन बुद्धि के समझदार लोगों की टोली ने सैकड़ो बकरों की बलि देकर जता दिया कि प्रदेश के व्यावसायिक राजधानी में अभी भी हैवानियत जिंदा है।
लाइव रिपोर्ट...
दोपहर 1 बजे जब मैं यहां पहुंचा तो मंदिर के पास ही 40 से अधिक बकरों बलि दी जा चुकी थी, कुछ की दी जा रही थी। समझदार इंसानों में से एक से पूछा तो बताया कि यहां मरीमाता का मंदिर है। यहां हर साल असाढ़ की पहली पूर्णिमा पर बकरें की बलि दी जाती है, जिससे माता खुश होती है। मैंने जब इस इंसान से बलि का इतिहास खुरेदने की कोशिश की तो वह बस इतना कह पाया कि बचपन में दादा के साथ यहां आना शुरू हुआ था, जो आज तक जारी है। दोपहर 3 बजे तक 70 से अधिक बकरों की बलि दी जा चुकी थी। भक्त आते और यहां खड़े गंडासा धारी को बकरा पकड़ा देते। गंडासा धारी भी अपनी मर्दाइंगी दिखाते हुए एक वार में ही गर्दन और शरीर अलग कर देता। दो भाग में बंट चुका बकरा अभी चिल्लाते हुए, समझदारों के कृत्य पर शर्मसार हो जाता। इसके बाद जो भक्त बकरा लाता वह बोरी में दोनों हिस्सों को साथ ले जाता। यहां किसी ने बताया कि जिसकी मुराद पूरी और जो मुराद मांगने आता है, उसे बकरे की बलि देनी पड़ती है, तभी माता मुराद पूरी करती है। शाम 5 बजे तक बकरों का आकड़ा 100 संख्या पार कर गया था। इसके बाद रहा नहीं गया, और मैं समझदार इंसानों उनके काम पर छोड़ निकल गया।
इस तरह की परपंरा बंद होना चाहिए, हम मामले की जांच करवा रहे हैं, इससे बाद ही कुछ कह पाएंगे।
आलोक सिंह, एडीएम
आपसे से ही मामले की जानकारी मिल रही है। अभी मौके पर जाकर देखते हैं। उससे बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
आनंद कुमार यादव, थाना प्रभारी, भंवरकुआ थाना
कल ही हम प्रशासन व पुलिस इस मामले पत्र लिखकर जानकारी मांगेगे। पुलिस का दायित्व था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
सुधीर खेतावत, पशु पे्रमी
किसी मर्ज ठीक हुआ तो किसी शादी हो गई, तो किसी की गोद भर गई। कुछ ऐसे ही कारणों ने मंगलवार को इंदौर में 150 से अधिक पशुओं की जान ले ली। पुलिस की चौकन्नी नजरें और प्रशासन का सख्त रवैयां शहर के किसी एक कोने में पहरेदारी देता रहा और पालदा के संजय नगर में सुबह से शाम तक सैकड़ों बकरों के गले पर तलवार चलती रही।
आसाढ़ की पहली पूर्णिमा यानी मंगलवार को इंदौर के पालदा स्थित संजय नगर में मरीमाता मंदिर पर जो हुआ शब्दों में बयान करना मुश्किल है। लेकिन इतना तो है कि जिम्मेदारों अनदेखी और प्राचीन बुद्धि के समझदार लोगों की टोली ने सैकड़ो बकरों की बलि देकर जता दिया कि प्रदेश के व्यावसायिक राजधानी में अभी भी हैवानियत जिंदा है।
लाइव रिपोर्ट...
दोपहर 1 बजे जब मैं यहां पहुंचा तो मंदिर के पास ही 40 से अधिक बकरों बलि दी जा चुकी थी, कुछ की दी जा रही थी। समझदार इंसानों में से एक से पूछा तो बताया कि यहां मरीमाता का मंदिर है। यहां हर साल असाढ़ की पहली पूर्णिमा पर बकरें की बलि दी जाती है, जिससे माता खुश होती है। मैंने जब इस इंसान से बलि का इतिहास खुरेदने की कोशिश की तो वह बस इतना कह पाया कि बचपन में दादा के साथ यहां आना शुरू हुआ था, जो आज तक जारी है। दोपहर 3 बजे तक 70 से अधिक बकरों की बलि दी जा चुकी थी। भक्त आते और यहां खड़े गंडासा धारी को बकरा पकड़ा देते। गंडासा धारी भी अपनी मर्दाइंगी दिखाते हुए एक वार में ही गर्दन और शरीर अलग कर देता। दो भाग में बंट चुका बकरा अभी चिल्लाते हुए, समझदारों के कृत्य पर शर्मसार हो जाता। इसके बाद जो भक्त बकरा लाता वह बोरी में दोनों हिस्सों को साथ ले जाता। यहां किसी ने बताया कि जिसकी मुराद पूरी और जो मुराद मांगने आता है, उसे बकरे की बलि देनी पड़ती है, तभी माता मुराद पूरी करती है। शाम 5 बजे तक बकरों का आकड़ा 100 संख्या पार कर गया था। इसके बाद रहा नहीं गया, और मैं समझदार इंसानों उनके काम पर छोड़ निकल गया।
इस तरह की परपंरा बंद होना चाहिए, हम मामले की जांच करवा रहे हैं, इससे बाद ही कुछ कह पाएंगे।
आलोक सिंह, एडीएम
आपसे से ही मामले की जानकारी मिल रही है। अभी मौके पर जाकर देखते हैं। उससे बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
आनंद कुमार यादव, थाना प्रभारी, भंवरकुआ थाना
कल ही हम प्रशासन व पुलिस इस मामले पत्र लिखकर जानकारी मांगेगे। पुलिस का दायित्व था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
सुधीर खेतावत, पशु पे्रमी
Friday, 15 June 2012
18,768 करोड़ रुपए से आकार लेगा यातायात प्लान
न्यूज एक्सपोज, इंदौर।शहर के यातायात का भविष्य देखते हुए राइट्स ने कॉम्प्रेंसिव मोबिलिटी प्लान 2031 तैयार किया है। शुक्रवार को रविंद्र नाट्यगृह में आमजन के लिए इस प्लान को दिखाया गया। प्लान का पूरा होने से पहले अब विवादों में घिर आया है। इस प्लान के सच होने में 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आएगा, जिसमें 30 फीसदी करीब 5 हजार करोड़ से अधिक राशि निगम को एकत्र करनी होगी, जो ढेड़ी खीर नजर आ रही है। शहर का प्लान समझने के लिए शहर की 1 फीसदी जनता भी नहीं आई, बमुश्किल यहां करीब 70 लोग एकत्र हो हुए, जिसमें से अधिकांश विभिन्न विभागों के कर्मचारी अधिकारी थे। प्लान में पुराने शहर के लिए कुछ ज्यादा नहीं है। प्लान में पैदल यात्रियों और लोक परिवहन को अधिक प्राथमिकता दी गई है।
मेसर्स राईटस इंडिया लिमिटेड द्वारा अक्टूबर 2010 से शहर के यातायात को ध्यान में रखते हुए 2031 की स्थिति की ध्यान में रखते हुवे प्लान तैयार किया गया है, जिसमें चौराहो के विकास, रिंगरोड, सर्विस रोड, एप्रोच रोड, पैदल चलने वाले हेतु फुटपाथ, सडको को वन-वे करना, कॉरिडोर, अतिक्रमण, यातायात के साधनो आदि को दृष्टिगत रखते हुवे, आदि को मास्टर प्लान व जनसंख्या के आधार पर कॉम्प्रेसिव्ह मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया। इस प्लान को कुल 8 चरणों में पूरा किया गया। मेसर्स राईटस की सुजाता सावंत ने प्रेजेंटेंशन दिया।
जनकार्य प्रभारी श्री जवाहर मंगवानी ने बताया कि नगर पालिक निगम, इन्दौर द्वारा जेएनएनयूआरएम योजना के अंतर्गत शहर में यातायात व्यवस्था हेतु सुनियोजित प्रबंधन के लिये कॉम्प्रेसिव्ह मोबिलिटी प्लान मेसर्स राईटस इंडिया लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया, कॉम्प्रेसिव्ह मोबिलिटी प्लान की अंतिम रिपोर्ट पर स्टेक होल्डर्स के समक्ष शुक्रवार को रविन्द्र नाटय गृह में प्रेजेंटैशन प्रस्तुत किया गया।
प्लान पर उठाए सवाल...
पे्रजेंटेशन के दौरान समाजसेवी किशोर कोडवानी ने कहा कि प्लान बनाते समय जो आकड़े उपयोग में लाए गए है, वहीं गलत है। प्लान तैयार होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि 30 फीसदी हिस्सा नगर निगम कहा से लाएगी, क्योंकि नगर का सालाना राजस्व महज करोड़ो रूपए ही है। इसके अलावा फ्लाय ओवर यातायात दबाव को करने के लिए बेहतर नहीं है। हम फ्लायओवर का विरोध करते हैं। पार्षद कैलाश यादव ने कहा कि पुराने शहर के व्यवस्थम क्षेत्र को लेकर कुछ भी नहीं है। गंगवाल बस स्टेंड से सरवटे बस स्टेंड तक सीधे सड़क बनाई जा सकती है, जो कि जवाहर मार्ग का विकल्प भी हो जाएगी। राजबाड़ा क्षेत्र में कई बाजार होने के कारण यहां यातायात दबाव बना रहता है, इसे ठीक करने का प्लान में कहीं जिक्र नहीं है।
चालक बन जाते है जाहिल....
पेजेंटेशन के अंत में यातायात डीएसपी एमके जैन ने कहा कि हमारे लोग जब किसी मॉल में जाते है तो जेंटलमेंन बन जाते हैं। सभी को मैनंर्स याद रहते हैं, लेकिन सड़क पर आते ही जाहिल हो जाते हैं। प्लान तो बेहतर पर सबसे पहले जनता को ही जागरूक करना होगा। 1962 में पहला सिंग्नल लगा था। वर्तमान में 14 लाख वाहन और 23 लाख जनसंख्या हो गई है।
रीगल से हटानी होगी गांधी प्रतिमा...
प्रेजेंटेशन में बताया कि 40 जंक्शन बनाए गए है, जिनमें 9 एरिया जंक्शन ट्राफिक प्लान बनाएं गए है। रीगल चौराहे पर वर्तमान में आरएनटी, पलासिया से आने वाला यातायात, रीगल सिनेमा की ओर से रेलवे स्टेशन की ओर से यातायात आ जाता है। इसके साथ शास्त्री ब्रिज से जैसे ही नीचे उतरों को सिटी बस का स्टॉप है। इन कारणों से यहां अक्सर यातायात प्रभावित होता है। इसके लिए यहां से रोटरी तोड़कर गांधी प्रतिमा को एसपी आॅफिस में लगाई जा सकती है। सिनेमा वाली सड़क का बंद किया जा सकता है। जेबरा क्रासिंग हो। इसी तरह रिंग रोड पर सभी चौराहों पर ही सर्विस रोड़ आकर ख्ुालती है, जिससे चालक अपने विवेक से वाहन क्रास कर लेता है। ऐसा न हो इसलिए बेहतर व्यवस्था होना चाहिए। रेडिशन चौराहे पर रोटरी खत्म कर ट्राफिक सिंग्नल गलाए जाए। सर्विस रोड बंद कर दी जाए। जेबरा क्रासिंग हो, बस स्टॉप बस-वे पर हो तो बेहतर व्यवस्था हो सकती है।
ताकि लोक परिवहन का उपयोग ज्यादा हो....
प्रजेंटेंशन में बताया कि पूरा प्लान लोक परिवहन को लेकर तैयार किया गया है। वर्तमान में इंदौर शहर में अधिकांश जगह पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इसलिए लोग अपनी दुकान या फुटपाथ पर ही वाहन पार्क कर देते है। इसलिए पार्किंग प्लान भी तैयार किया गया है। 12 स्थानों पर विजय नगर, बंगाली जक्ंशन, मधुमिलन, इंदौर रेलवे स्टेशन, महू नाका, राज मोहल्ला, मरी माता, नवलखा, मालवा मिल, बड़ा गणपति, एमटीएच कंपाउंड और भंवर कुआ चिंन्हित किए गए है। यहां मल्टीलेवल पार्किंग बनाए जाए। पार्किंग चार्जेस भी अधिक हो, इसलिए वाहनों के हिसाब और घंटे के अनुसार 5 रुपए से 25 रुपए तक चार्ज किए जाए।
इन्हें पहले पूरा करें...
सर्वे में 8 रुट््स ऐसे चिन्हित किए गए जिन्हें पूरा कर लिया जाए तो चालक आसानी से और कम समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाए। जिमें कलेक्टर आॅफिस से किला मैदान रोड दूरी 5.9 किमी, उज्जैन रोड से रूप नगर दूरी 6.6 किमी, चंदन नगर से एयरपोर्ट दूरी 1.9 किमी, रिंग रोड से केशर बाग रोड दूरी 1.1 किमी सहित अन्य तीन मार्ग पर छोटे-छोटे टुकड़े पूरे कर दिए जाते तो यह दूरी आसानी से पूरी की जा सकती है। वर्तमान में चालकों को बीच में अन्य मार्ग से होते हुए जाना पड़ता है।
कोर एरिया ट्राफिक मैनेंजमेंट प्लान...
पुराने शहर को लेकर कोर एरिया ट्राफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है। जिसमें कुल तीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे। जिसमें एमजी रोड, जवाहर मार्ग और सुभाष मार्ग होगा। यहां आईपीटी(इंटरमिडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट) के तहत लोक परिहन चलेंगे। जिसमें टाटा मैजिक, टेंपो आदि होंगे। इनके लिए चार टर्मिनल फुटी कोठी, भंडारी मिल, के पास होंगे। वर्तमानम में यहां टू लेन सड़क है, जिसमें से भी अधिकांश हिस्से में वाहन पार्क रहते हैं। इसलिए यहां महंगा पार्किंग चार्ज लगाए जाए ताकि अधिक अधिक लोग लोक परिवहन का उपयोग करे। इस प्लान में रिंग रोड को भी शामिल किया गया है।
इन रुट्स पर चलेगी....
भंडारी मिल- राजकुमार ब्रिज, देवी अहिल्या मार्ग, सुभाष मार्ग, बड़ा गणपति, एमजी रोड, शास्त्री ब्रिज, राजकुमार ब्रिज, भंडारी मिल।
फुटी कोठी- महूनाका, कलेक्टोरेट, गाड़ी अड्डा, सरवटे बस स्टेंड टर्मिनल, पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग, गंगवाल, महू नाका।
-भंडारी मिल- राजकुमार ब्रिज, शास्त्री ब्रिज, पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग, देवी अहिल्या मार्ग, राजकुमार ब्रिज, भंडारी मिल।
फुटी कोठी- महूनाका, धार रोड, गंगवाल, बड़ा गणपति, एमजी रोड, शास्त्री ब्रिज, इंदौर जक्शन, सरवटे बस टर्मिनल, गाड़ी अड्डा, कलेक्टोरेड, महू नाका।
बाक्स...
यह होंगे वन वे....
एमजी रोड- बड़ा गणपति से गांधी हॉल
कैलाश मार्ग- एसके अस्पताल से बियाबानी रोड
हुकुमचंद मार्ग- बियाबानी से धार रोड
बियाबानी रोड- सुभाष मार्ग से जवाहर मार्ग
धार रोड- जवाहर मार्ग से सुभाष मार्ग
एसएच 27- सुभाष मार्ग से जवाहर मार्ग
छत्री रोड- छत्री से सराफा
एमटीएच रोड- गांधी हॉल से संजय सेतु
बाक्स...
एक नजर...
- हर साल 10 फीसदी वाहन बढ़ रहे हैं
- हर साल जनसंख्या में 3.4 फीसदी इजाफा हो रहा है
- शहर में 82 फीसदी वाहन निजी
- 2001 में 2617 दुर्घटनाएं, 2010 में 3473 हो गई, 3.2 फीसदी की वृद्धि
- वर्तमान में 23 लाख जनसंख्या जो 2021 तक 28 लाख हो जाएगी
- सड़कों की हालत खस्ताहाल
- जनता यातयात नियमों के प्रति जागरूक नहीं
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिमित रूट्स पर ही
- झेबरा क्रासिंग कुछ ही चौराहों पर
- पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं
- रोटरी जरूरत से अधिक बड़ी
- पैदल चलने वालें 26 फीसदी पर बेहतर व्यवस्था नहीं
Tuesday, 12 June 2012
83 फीसदी बच्चों ने छोड़ा स्कूल जाना
न्यूज एक्सपोज, इंदौर।
सरकार बेढंगी बाल श्रम की नीति ने ऐसा उलझाकर रखा है कि शिक्षा व स्वास्थ्य की कड़ी से अलग होकर गरीब बस्तियों का बालपन काम करने पर मजबूर है। राजीव गांधी आवास योजना के तहत जहां गरीब बस्तियों के बाशिंदों को शहर के बाहर भेजा तो जहां है,लेकिन वहां शिक्षा की बेहतर व्यवस्था है या नहीं जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। कुछ इस तरह के हालात की जमीन हकिकत जानने की कोशिश एक सर्वे रिपोर्ट में की गई है।
हाल ही में दीन बंधु सामाजिक संस्था द्वारा शहर की 10 गरीब बस्तियों में बाल श्रम को लेकर सर्वे किया गया। इस सर्वे में 88 बाल श्रम से जुड़े बच्चों की दिनचर्या, रहन-सहन, कार्य का प्रकार, शाररीक व मानसिक तनाव, वेतन आदि के बारे में चर्चा की गई। सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। 88 बच्चों में से 65 फीसदी बच्चे शारीरिक व मानसिक चुनौंतियों का सामना कर रहे हैं। इसी तरह 83 फीसदी बच्चों ने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। इसमें 36.4 बच्चे ऐसे है जिन्हें भरपेट भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है। यह सर्वे राकेश चांदौर, बेलू जॉर्ज, राजेंद्र बाजोड़े आदि ने किया है।
दीनबंधु सामाजिक संस्था ने यह अध्ययन झुग्गी बस्तियों के आठ से 18 वर्ष के आयु समूह वाले बाल श्रमिकोंं की स्थिति जानने के लिये किया।
संगठन की प्रमुख कार्यकर्ता बेलू जॉर्ज ने बताया कि हमने शहर की 10 झुग्गी बस्तियों के 88 बाल श्रमिकों को अध्ययन में शामिल किया। खासकर पन्नी बीनने, चटाई बेचने और कचरा इकट्ठा करने वाले बच्चे काम की अमानवीय परिस्थितियों, चोटों, चमड़ी से जुड़े स्वास्थ्यगत विकारों और पैरों में अक्सर बने रहने वाले दर्द से जूझ रहे हैं। ये बच्चे उदासी, असुरक्षा के भाव, चिड़चिड़ाहट और निराशा के भी शिकार हैं।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम के कमजोर कानून, अस्थायी बसाहटों का बार..बार होने वाला विस्थापन और गरीबों की बड़ी आबादी के मुकाबले सरकारी स्कूलों की गंभीर कमी बाल श्रमिकों की बुरी हालत की अहम वजहों में शामिल हैं। आरटीई के तहत स्कूल पहुंंचा रहे शिक्षा विभाग पोल भी सर्वे ने खोल दी है।
सर्वे में तीन बालिकाओं ने खुलकर कहा कि काम के दौरान उनसे यौन उत्पीड़न किया गया। कई बच्चे ऐसे भी थे, जिन्होंने दबी जुबान में यौन उत्पीड़न की बात का कबूला। 88 में से 20 से अधिक बच्चे काम के दौरान वाइटर का नशा करते हैं, इनमें से अधिकांश वाइटनर के आदि हो चुके हैं।
संस्था ने यह रखी सिफारिशें...
सरकार बेढंगी बाल श्रम की नीति ने ऐसा उलझाकर रखा है कि शिक्षा व स्वास्थ्य की कड़ी से अलग होकर गरीब बस्तियों का बालपन काम करने पर मजबूर है। राजीव गांधी आवास योजना के तहत जहां गरीब बस्तियों के बाशिंदों को शहर के बाहर भेजा तो जहां है,लेकिन वहां शिक्षा की बेहतर व्यवस्था है या नहीं जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। कुछ इस तरह के हालात की जमीन हकिकत जानने की कोशिश एक सर्वे रिपोर्ट में की गई है।
हाल ही में दीन बंधु सामाजिक संस्था द्वारा शहर की 10 गरीब बस्तियों में बाल श्रम को लेकर सर्वे किया गया। इस सर्वे में 88 बाल श्रम से जुड़े बच्चों की दिनचर्या, रहन-सहन, कार्य का प्रकार, शाररीक व मानसिक तनाव, वेतन आदि के बारे में चर्चा की गई। सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। 88 बच्चों में से 65 फीसदी बच्चे शारीरिक व मानसिक चुनौंतियों का सामना कर रहे हैं। इसी तरह 83 फीसदी बच्चों ने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। इसमें 36.4 बच्चे ऐसे है जिन्हें भरपेट भोजन भी नसीब नहीं हो रहा है। यह सर्वे राकेश चांदौर, बेलू जॉर्ज, राजेंद्र बाजोड़े आदि ने किया है।
दीनबंधु सामाजिक संस्था ने यह अध्ययन झुग्गी बस्तियों के आठ से 18 वर्ष के आयु समूह वाले बाल श्रमिकोंं की स्थिति जानने के लिये किया।
संगठन की प्रमुख कार्यकर्ता बेलू जॉर्ज ने बताया कि हमने शहर की 10 झुग्गी बस्तियों के 88 बाल श्रमिकों को अध्ययन में शामिल किया। खासकर पन्नी बीनने, चटाई बेचने और कचरा इकट्ठा करने वाले बच्चे काम की अमानवीय परिस्थितियों, चोटों, चमड़ी से जुड़े स्वास्थ्यगत विकारों और पैरों में अक्सर बने रहने वाले दर्द से जूझ रहे हैं। ये बच्चे उदासी, असुरक्षा के भाव, चिड़चिड़ाहट और निराशा के भी शिकार हैं।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम के कमजोर कानून, अस्थायी बसाहटों का बार..बार होने वाला विस्थापन और गरीबों की बड़ी आबादी के मुकाबले सरकारी स्कूलों की गंभीर कमी बाल श्रमिकों की बुरी हालत की अहम वजहों में शामिल हैं। आरटीई के तहत स्कूल पहुंंचा रहे शिक्षा विभाग पोल भी सर्वे ने खोल दी है।
सर्वे में तीन बालिकाओं ने खुलकर कहा कि काम के दौरान उनसे यौन उत्पीड़न किया गया। कई बच्चे ऐसे भी थे, जिन्होंने दबी जुबान में यौन उत्पीड़न की बात का कबूला। 88 में से 20 से अधिक बच्चे काम के दौरान वाइटर का नशा करते हैं, इनमें से अधिकांश वाइटनर के आदि हो चुके हैं।
संस्था ने यह रखी सिफारिशें...
खाकी वर्दी का जनता से दूर्व्यवहार
न्यूज एक्सपोज, इंदौर
राजेन्द्र नगर थाने की पुलिस चेकिंग के नाम पर जनता से दूरर्व्यवहार कर रही है। साथ ही चेकिंग के दौरान कुछ पुलिस कर्मी नशे में धुत होकर बदसलूकी की सारी हदे पार कर देते है। ज्ञात हो की कुछ समय पूर्व यह चेकिंग थाने के बहार हुआ करती थी, किन्तु अब पुलिस ने अपना ठिकाना बदलकर रेत मंडी चौराहे स्थित कलाली के पास कर लिया है। यहां मौजूद कुछ पुलिस कर्मी जनता से यहां तक की मीडिया और अन्य सामाजिक संस्थानों के पदाधिकारियों से भी बदतमिजी करने से बाज नहीं आते।
रेत मंडी पर हुई चेकिंग के दौरान वहां मोजूद पुलिस कर्मी महेंद्र सिंह अपने आप को पूरे संविधान का ज्ञाता समझते है। और खाकी वर्दी धारण करने के बावजूद जनता को अबशब्द खुले में देते है। प्रताड़ित हो रहे मोहन लाल ने बताया कि मेरी गाड़ी पुलिस कमिर्यों ने रोकी और मुझसे गाड़ी के कागज मांगे जिस पर मैंने गाड़ी के काजग दे दिए और लाइसेंस भी दे दिया किन्तु कागज ओरिजनल मागने लगे और वहां मोजूद पुलिस कर्मी ने अन्य लोगो को गालिया भी दे रहे थे।
राजेन्द्र नगर थाने की पुलिस चेकिंग के नाम पर जनता से दूरर्व्यवहार कर रही है। साथ ही चेकिंग के दौरान कुछ पुलिस कर्मी नशे में धुत होकर बदसलूकी की सारी हदे पार कर देते है। ज्ञात हो की कुछ समय पूर्व यह चेकिंग थाने के बहार हुआ करती थी, किन्तु अब पुलिस ने अपना ठिकाना बदलकर रेत मंडी चौराहे स्थित कलाली के पास कर लिया है। यहां मौजूद कुछ पुलिस कर्मी जनता से यहां तक की मीडिया और अन्य सामाजिक संस्थानों के पदाधिकारियों से भी बदतमिजी करने से बाज नहीं आते।
रेत मंडी पर हुई चेकिंग के दौरान वहां मोजूद पुलिस कर्मी महेंद्र सिंह अपने आप को पूरे संविधान का ज्ञाता समझते है। और खाकी वर्दी धारण करने के बावजूद जनता को अबशब्द खुले में देते है। प्रताड़ित हो रहे मोहन लाल ने बताया कि मेरी गाड़ी पुलिस कमिर्यों ने रोकी और मुझसे गाड़ी के कागज मांगे जिस पर मैंने गाड़ी के काजग दे दिए और लाइसेंस भी दे दिया किन्तु कागज ओरिजनल मागने लगे और वहां मोजूद पुलिस कर्मी ने अन्य लोगो को गालिया भी दे रहे थे।
अब राजबाड़ा बताएगा अपना इतिहास,राजवाड़ा पर लाईट एण्ड साउंड की योजना
न्यूज़ एक्सपोज, इंदौर
इंदौर का राजबाड़ा अब केवल पंद्रह अगस्त और 26 जनवरी पर ही नही दमकेगा बल्की राजवाड़ को रोज ही चमकाने की कवायद शुरु हो गई है जी हां देवी अहिल्या बाई होलकर का राजग्रह और इंदौर की शान राजबाड़ पर आईडीए और पर्यटन निगम लाईट एण्ड साउंड सिस्टम की योजना बना तक तैयारियां •ाी शुरु कर दी है।
आईडीए और पर्यटन विकास निगम मिलकर इंदौर के राजबाड़ा को चमकाने के प्रयास में लगा है। जिसकी कार्य योजना •ाी तैयार हो चुकी है बजट •ाी फायनल हो चुका है । और एक्सपटर्स से •ाी बातचीत हो चुकी है और कमिश्नर, आईडीए और पर्यटन वि•ााग के अधिकारियों का मौका मुआयना हो चुका है। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष मोहन यादव ने बताया कि जल्द से जल्द टेंडर निकाल कर यह फायनल किया जा रहा है ।
राजबाड़ा के इतिहास की जानकारी •ाी
लाईट एण्ड साउंड के तहत राजबाड़ा को लाईट के जरिये रंगीन किय ाजाएगा वहीं राजबाड़ा के इतिहास एवं इंदौर से जुड़ी जानकारीयां साउंड के माध्यम से आने वाले दर्शकोंं एवं पर्यटकों को दी जाएगी।
दो करोड़ की योजना
लाईट एण्ड साउंड की योजना आईडीए और पर्यटन वि•ााग मिल कर ला रहे है जिसके लिए दो करोड़ रुपये खर्च किए जाने है और पांच लाख रुपये आईडीए की और से पर्यटन वि•ााग को सौप •ाी दिए गए है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया •ाी शुरु कर दी जाएगी
इंदौर का राजबाड़ा अब केवल पंद्रह अगस्त और 26 जनवरी पर ही नही दमकेगा बल्की राजवाड़ को रोज ही चमकाने की कवायद शुरु हो गई है जी हां देवी अहिल्या बाई होलकर का राजग्रह और इंदौर की शान राजबाड़ पर आईडीए और पर्यटन निगम लाईट एण्ड साउंड सिस्टम की योजना बना तक तैयारियां •ाी शुरु कर दी है।
आईडीए और पर्यटन विकास निगम मिलकर इंदौर के राजबाड़ा को चमकाने के प्रयास में लगा है। जिसकी कार्य योजना •ाी तैयार हो चुकी है बजट •ाी फायनल हो चुका है । और एक्सपटर्स से •ाी बातचीत हो चुकी है और कमिश्नर, आईडीए और पर्यटन वि•ााग के अधिकारियों का मौका मुआयना हो चुका है। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष मोहन यादव ने बताया कि जल्द से जल्द टेंडर निकाल कर यह फायनल किया जा रहा है ।
राजबाड़ा के इतिहास की जानकारी •ाी
लाईट एण्ड साउंड के तहत राजबाड़ा को लाईट के जरिये रंगीन किय ाजाएगा वहीं राजबाड़ा के इतिहास एवं इंदौर से जुड़ी जानकारीयां साउंड के माध्यम से आने वाले दर्शकोंं एवं पर्यटकों को दी जाएगी।
दो करोड़ की योजना
लाईट एण्ड साउंड की योजना आईडीए और पर्यटन वि•ााग मिल कर ला रहे है जिसके लिए दो करोड़ रुपये खर्च किए जाने है और पांच लाख रुपये आईडीए की और से पर्यटन वि•ााग को सौप •ाी दिए गए है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया •ाी शुरु कर दी जाएगी
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